आजा लोट के आजा मेरे मीत तुझे मेरे गीत बुलाते है।”लौटना कभी आसान नहीं होता।”एक मशहूर कहानी आपने पहले भी
एक ने प्रश्न किया कि तुम कहते हो कि धर्म नहीं होता तो दुनिया सुंदर होती. सभी धर्मां के शास्त्र
परमात्मा को उतार कर धरती पर लाओ अगर तुम्हें सुखी होना है, आनंदित होना है, मस्त होना है तो यह
एक ने प्रश्न किया कि क्या आप एक और धर्म की दुकान (Dhram ki Dukan) खोलने का प्रयास कर रहे
हम सब दौड़ रहे हैं परंतु क्यों? नहीं पता। और लौटता भी कौन है? और इस दौड़ का केवल रूपए
Sawan 2022: सावन का महीना कुछ दिनों के बाद प्रवेश कर जाएगा और भारत के लोग भगवान शिव की पूजा
परमात्मा तुम किन शास्त्रों में से पढ़कर बोल रहे हो. मैं किसी भी शास्त्र का उपयोग नहीं करता हूं. और
तुम प्रश्न पूछते हो? कि धार्मिक कैसे बनेंगे? बनने की कोशिश भी करते हो लेकिन बनते नहीं! क्योंकि तुमने धर्म
एक व्यक्ति पूछता है कि परमात्मा तुम क्या सिखाने का प्रयास करते हो. तुम क्या समझाना चाह रहे हो या
यंहा अनाड़ी ही धर्म ध्वजा सँभालने का दावा करते है। इससे ज्यादा क्या नीचे गिरोगे तुम जंहा तुम्हे जागा हुआ
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Toggleएक ने पूछा कि क्या धार्मिक होना या अध्यात्मिक (धार्मिक और आध्यात्मिक) होना आवश्यक है. हम क्यों हिंदू हों या
परमात्मा ने कहा कि जन्म से आजतक तुम्हें कुछ और ही समझाया गया है. मैं जो बातें बोल रहा हूं,
तुम्हारा दृष्टिकोण क्या है यह इस बात से दिख जाता है कि तुम किसके प्रति आकर्षित होते हो ‘तुम किसमे
Raksha Bandhan 2022 date : एक ने पूछा कहता है परमात्मा रक्षाबंधन के लिए कौन सा समय उचित है ?
तुम यहाँ क्यों आये हो जीवन क्या है? तुम लोग समझते हो हम लोग पैदा हुए मर जायँगे। बस यही
मुक्ति क्या है बंधन क्या है? तुम जिस मुक्ति की बात करते हो उसे खोजने से पहले ये देखो की
चीन में महिलाओ को लोहे का जूता पहनते थे ‘‘लोहे का जूता‘‘ या ‘‘पैरों को बांधना‘‘ एक ऐतिहासिक प्रथा थी,
सत्य क्या है? हम बात कर रहे है सत्य धर्म की । सत्य धर्म जिसे बुद्ध ने पाया, महावीर ने
Sawan Somwar 2022: अभी सावन का महीना चल रहा है और सभी शिव की भक्ति में लीन हैं. जानते हो
जीवन का सच्चा अर्थ क्या बन जाता है, पाखंड? - पाखंड (Pakhand) वह है जिसका स्वयं का अनुभव नहीं हुआ
वास्तविकता में धार्मिक होने का मार्ग नास्तिकता से ही प्रारम्भ होता है। आस्तिक कौन है? अगर तुम मंदिर मस्जिद जाने