बार-बार तुम्हारे प्रश्न…एक ही बात को तुम कई बार पूछते हो. मुक्ति कैसे संभव है. मोक्ष कैसे संभव है. मुक्ति
https://www.youtube.com/embed/fqQ7Nj6e39w धर्म क्या है? धर्म एक तेज धार तलवार है, जिस पर लाखों कट चुके हैं और लाखों कटने को
यदि आप गूगल सर्च में केवल सावन लिखोगे तो आपको सावन में शिव की पूजा...सावन सोमवारी (sawan somwar) कब है
हिन्दू मुस्लिम सिख ईसाई के घेरो से बाहर निकलो। धर्म हिन्दू मुस्लिम सिख ईसाई धर्म नहीं घेरे है। धर्म को
Jagannath Rath Yatra 2022 : भगवान जगन्नाथ की बात करें तो ऐसी मान्यता है कि वे हिंदू देवता भगवान विष्णु
Sawan Somwar 2022: अभी सावन का महीना चल रहा है और सभी शिव की भक्ति में लीन हैं. जानते हो
तुम यहाँ क्यों आये हो जीवन क्या है? तुम लोग समझते हो हम लोग पैदा हुए मर जायँगे। बस यही
तुम्हारा दृष्टिकोण क्या है यह इस बात से दिख जाता है कि तुम किसके प्रति आकर्षित होते हो ‘तुम किसमे
अज्ञान तो मारता है ज्ञान ज्यादा मारता हैं ! परमात्मा ने इतनी सुन्दर सृष्टि बनाई, नदिया बनाई, पेड़ पौधे बनाये,
हम जन्म-मृत्यु के चक्र से कब छूटेंगे ?, कब इस आवागमन से
छुटकारा होगा ?, कब हमें शाश्वत जीवन मिलेगा ?,
इसकी आवश्यकता क्यों पड़ी ? क्योकि तुम्हारे तथाकथित धर्म या सम्प्रदाय में कुछ तो कमी है की जिसके कारण पूरी
वास्तविकता में धार्मिक होने का मार्ग नास्तिकता से ही प्रारम्भ होता है। आस्तिक कौन है? अगर तुम मंदिर मस्जिद जाने
ना मंदिर जगाओ…ना मस्जिद जगाओ…जागना है तो तुम स्वंय जागो (Wake up Yourself). धर्म क्या है. अध्यात्म क्या है. केवल
सत्य क्या है? हम बात कर रहे है सत्य धर्म की । सत्य धर्म जिसे बुद्ध ने पाया, महावीर ने
एक ने पूछा कि क्या धार्मिक होना या अध्यात्मिक (धार्मिक और आध्यात्मिक) होना आवश्यक है. हम क्यों हिंदू हों या
हर व्यक्ति धार्मिक होना चाहता है इसीलिए वो मंदिर मस्जिद गिरजे गुरुद्वारे और अपने अपने धर्म स्थलों पर जाता है
जीवन लाखों लोगों में से एक को प्राप्त होता है. ये कोई आसमान से नहीं टपकता बल्कि धक्के खाकर मिलता
एक महात्मा आया बोला कि परमात्मा का दर्शन क्यों नहीं हो रहा है उस विराट का अनुभव क्यों नहीं हो
क्या श्रद्धा से परमात्मा की प्राप्ति होती है? हा लेकिन मंदिर पर श्रद्धा से नहीं स्वयम पर श्रद्धा से। तुम
बैसाखी थोड़े ही चलाती है लंगड़े को? तुम सोचते हो की कि बैसाखी लंगड़े को चलाती है भूल में हो
एक ने पूछा कि परमात्मा तुम किन शास्त्रों में से पढ़कर बोल रहे हो. मैं किसी तुम्हारे शास्त्र से नहीं