तुम स्वयं से घृणा करते हो।

तुम स्वयं से घृणा करते हो।

तुम स्वयं से घृणा करते हो।

तुम्हे हमेशा से ही ये समझाया गया है कि इस धरा पर बार बार आना ठीक नहीं है, यह जीवन दुःख है इसी कारण तुम जीवन से घृणा करने लग गए हो। ध्यान देना जिस दिन मनुष्य स्वयं से घृणा आरम्भ कर दे तो समझ लेना वह बहुत नीचे गिर चुका है, समझ लेना वह सदमार्ग पर नहीं किसी कुमार्ग पर है। किसी अज्ञान ने किसी अंध विश्वास ने उसे आ घेरा है।