धर्म परिवर्तन की कोई भी आवश्यकता नहीं है

धर्म परिवर्तन की कोई भी आवश्यकता नहीं है

धर्म परिवर्तन की कोई भी आवश्यकता नहीं है

तुम्हे किसी को भी धर्म परिवर्तन की कोई भी आवश्यकता नहीं है, धर्म बदलकर तुम कुछ भी न पाओगे, मुस्लमान आरती गए तो तुम्हे क्या लगता है उसे राम मिल जायेंगे? नहीं। उसी प्रकार हिन्दू अगर नमाज पढ़े तो क्या उसे आल्हा मिल जायेंगे? नहीं। हमें धर्म परिवर्तन की कोई भी आवश्यकता नहीं है बल्कि हमें अपने भीतर एक दूसरे की आत्मा को समाहित करना चाहिए तभी सच्चे अर्थो में हम धार्मिक हो सकते है।