कोई भी निस्वार्थ दया नहीं करता।

कोई भी निस्वार्थ दया नहीं करता।

कोई भी निस्वार्थ दया नहीं करता।

इस दुनिया में कमजोर गरीब और अभावग्रस्त के लिए कोई भी जगह नहीं है, कोई भी निस्वार्थ दया नहीं करता। जो कोई भी दया करता दीखता है उसके पीछे कुछ न कुछ स्वार्थ जरूर होता है तुम्हारी आंखे खुली होगी तो तुम भी जरूर देख पाओगे।