वो तुम्हे कण कण में जर्रे जर्रे में नजर आना चाहिए।

वो तुम्हे कण कण में जर्रे जर्रे में नजर आना चाहिए।

वो तुम्हे कण कण में जर्रे जर्रे में नजर आना चाहिए।

जब तक तुम्हारा धर्म तुम्हे परमात्मा की अनुभूति न करा दे वो बेकार का धर्म है, फिर चाहे मंदिरो में नाचो, दिन रात कथाएं करो, रात रात भर जाग के जागरण करो, पांचो समय नमाज पढ़ो या प्रत्येक रविवार अपने अपने धार्मिक स्थान जाओ। जब तक वो तुम्हे कण कण में जर्रे जर्रे में नजर न आ जाये तब तक मत मानना की तुम धार्मिक हो और वो है। वो तुम्हे नजर आना ही चाहिए। अगर तुम भी उसे देखना चाहते हो तो केवल एक वर्ष मुझे दे दो। और उसके बदले मैं तुम्हे वो दे दूंगा।