धरम की शिक्षा

धरम की शिक्षा

धरम की शिक्षा.  धरम की शिक्षा क्या स्कूल में पढ़ाई जा सकती है?

जब से तुमने धरम को स्कूल में पढ़ाना चालू कर दिया है तब से धरम की खोज ही समाप्त हो गई है कयोकि तुममे से हर कोई जनता है की उसे तो धरम के बारे में पता है बस यही धरना तुम्हारी में तोडना चाहता हु।

जिस दिन तुम ये धरना छोड़ ढोगे उसी दिन तुम्हारे भीतर एक क्रांति का उदय होगा फिर धरम की खोज आरम्भ होगी।

तुम जब तक ये मानते रहोगे की तुम जानते हो तब तक तुम कुछ भी नहीं जान सकोगे।

तुम्हारे तथकथित धरम गुरु जिन्होंने शास्त्र रटे होते हे तोते की तरह उन्हे भी केवल काले अक्षरों का ही ज्ञान है तुमने सुना है कला अक्षर भैस बराबर। या भैंस के सामने बीन बजाना।

जब तुम्हारे पंडित पुरोहित के सामने शास्त्रों की बीन बज रही है और उन्हें कुछ भी नहीं समझ रहा है तो वो तुम्हे क्या समजाहेगें और तुम क्या समझोगे

धरम स्कूल में पढ़ाया नहीं जाता धरम तो जिया जाता है।

 जब तुम धयान में बैठोगे तो तुम उस धरम को जान पाओगे अन्यथा पूरा जीवन राम राम करते ही बीत जायेगा और शांति मिल पाएगी और मन के उपद्रव चालू रहेंगे।